बीजापुर : नक्सल प्रभावित बस्तर के अंदरुनी इलाकों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है. जिले के उसूर विकासखंड के दूरस्थ ग्राम रायगुड़ा में सड़क नहीं होने के कारण एक बीमार मरीज तक 108 एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी. मजबूरी में ग्रामीणों और एम्बुलेंस कर्मचारियों ने सांस लेने में तकलीफ से पीड़ित मरीज सावन मरकाम को करीब 7 किलोमीटर तक खाट पर उठाकर खेतों और कच्चे रास्तों से मुख्य सड़क तक पहुंचाया. इसके बाद एम्बुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया.
ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं की मांग की
ग्रामीणों ने प्रशासन से रायगुड़ा तक सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज को इस तरह खाट पर ढोने की नौबत ना आए. बरसात के मौसम में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं.बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
सांस लेने की समस्या से पीड़ित मरीज सावन मरकाम का जिला अस्पताल में उपचार किया गया. स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई-डॉ.रत्न ठाकुर, सिविल सर्जन, बीजापुर जिला अस्पताल
यह घटना दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क संपर्क की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है. आपातकालीन स्थिति में भी वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है.
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