रायपुर: शिवपुरी एकलव्य आवासीय विद्यालय की बदहाल व्यवस्था को लेकर सोमवार को 45 छात्राएं कलेक्टर से मिलने निकलीं थीं. ये छात्राएं पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर दफ्तर तक पहुंची. छात्राओं का कहना है कि तीन महीने से एकलव्य स्कूल की बिजली कटी है, जिससे उनकी पढ़ाई लिखाई बाधित हो रही है. छात्राओं ने मेस और स्कूल में शिक्षकों की कमी का भी मुद्दा उठाया.
कल पैदल मार्च करते हुए छात्राएं पहुंचीं थीं कलेक्ट्रेट
सीएम विष्णु देव साय ने मामले को गंभीरत से लेते हुए कलेक्टर को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं. सीएम ने कलेक्टर से कहा है कि जो भी इस संबंध में उचित कार्रवाई है वो की जाए और जो दोषी हैं, उनपर सख्त कार्रवाई हो. सीएम ने छात्राओं की शिकायत पर उचित कार्रवाई किए जाने की बात कही है.
सीएम ने दिए कलेक्टर को सख्त निर्देश
छात्राओं की शिकायत के संबंध में मुख्यमंत्री ने सरगुजा के जिलाधिकारी अजीत वसंत से फोन पर पूरे मामले की जानकारी ली. साथ ही विद्यालय में लंबे समय से समस्या बने रहने और छात्राओं को अपनी बात रखने के लिए इस तरह से पैदल निकालने की स्थिति पर अपनी कड़ी नाराजगी जताई. मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिया की बच्चियों को जो भी बुनियादी सुविधाएं चाहिए और जिन समस्याओं को लेकर उन्होने पैदल मार्च निकाला है, उसका समाधान जल्द से जल्द किया जाए.
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश देते हुए यह भी कहा है कि इस तरह से पैदल मार्च बच्चे निकालें ये किसी हालत में स्वीकार नहीं है. सीएम ने कहा कि यदि विद्यालय में लंबे समय से बिजली सहित दूसरी समस्याएं थी तो संबंधित अधिकारी क्या कर रहे थे और उसका समाधान क्यों नहीं किया गया. मुख्यमंत्री ने छात्राओं द्वारा बिजली और शिक्षक की कमी के साथ नियमित पढ़ाई और साफ-सफाई की समस्या के निराकरण को तत्काल करने के निर्देश दिए हैं.
आवासीय विद्यालय में कमियों को दूर करने के निर्देश
मुख्यंमत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा, ऐसी व्यवस्था की जाए ताकि छात्राओं को समस्याओं के लिए कहीं जाना ना पड़े और छात्रावास स्तर पर ही छात्राओं की समस्याएं सुनी जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और अधिकारियों द्वारा सतत निरीक्षण होना चाहिए. छात्रावास में रहने वाले बच्चों को किसी परेशानी के लिए प्रशासन तक स्वयं पहुंचने की स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए. बच्चों की समस्याओं को और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी अधिकारियों को समय-समय पर लेते रहना चाहिए, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके.
कमियों को तय समय में करें पूरा: CM
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास करके ही आवासीय विद्यालयों में बच्चे रहकर पढ़ाई कर करते हैं. छोटी-छोटी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला प्रशासन को संवेदनशील रहना होगा. सीएम ने कहा कि प्रशासन को छात्राओं से संवाद बनाए रखने और व्यवस्था को लगातार सुधार की दिशा में काम करने के लिए प्रयासरत रहने की जरूरत है. विष्णु देव साय ने कहा कि अधिकारियों की यह जिम्मेदारी होगी कि जो भी व्यवस्था विद्यालय में नहीं है उसे समय रहते पूरा किया जाए.
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, ”शिक्षा सत्र शुरू हुए 4 महीना हो गया है, लेकिन सरकार बच्चों को स्कूलों में अबतक सुविधाएं मुहैया नहीं करा पाई है. अभी तक 2 दर्जन से अधिक जगहों पर बच्चे, शाला भवन, किताब-काॅपी की मांग तथा शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग को लेकर आंदोलन कर चुके हैं. सरगुजा के एकलव्य विद्यालय की छात्राएं अपनी मांगों को लेकर 40 किमी पैदल चल कर कलेक्टर से मिलने निकली ये व्यवस्था की खामियों को उजाकर करता है.”
दीपक बैज ने कहा, ”विद्यालय में 3 माह से बिजली बंद है, मेस में ठीक से खाना नहीं मिल रहा है, शिक्षक की कमी है, पढ़ाई नहीं हो रही है. यह सबकुछ शर्मनाक है. बैज ने कहा कि समस्या का समाधान खोजने के बजाए इसे कांग्रेस के द्वारा कराया जा रहा आंदोलन बताने की कोशिश की जा रही है.” बैज ने कहा कि बच्चों को इस तरह से परेशान नहीं होना पड़े इसकी व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए.
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