गोरखपुर। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और खोराबार पुलिस ने सोमवार देर रात रामनगर कड़जहां फोरलेन पर हुई मुठभेड़ में आजमगढ़ के रहने वाले एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को मार गिराया।
मुठभेड़ के दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके दाएं पैर और बायीं आंख के पास गोली लगी।
गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में एसटीएफ के मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी गोली लगने से घायल हो गए। मौके से पुलिस ने .32 बोर की पिस्टल, एक बाइक और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं।
एसटीएफ के अनुसार मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू पुत्र जमालुद्दीन आजमगढ़ जिले के मेहनगर स्थित खुंदनपुर गांव का रहने वाला था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र, धमकी, चोरी और पुलिस हिरासत से फरार होने समेत 10 संगीन मुकदमे दर्ज थे।
एक लाख का इनाम था घोषित
वह लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एसटीएफ के निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह को सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल सोमवार रात कुशीनगर की ओर आने वाला है।
सूचना पर एसटीएफ और खोराबार थाना पुलिस ने रात करीब 11 बजे रामनगर कड़जहां फोरलेन पर घेराबंदी की। पुलिस टीम को देखते ही बदमाश ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। घेराबंदी करने पर फायरिंग शुरू कर दी।
बायीं आंख के पास लगी गोली
जवाबी कार्रवाई में पहले उसके पैर और फिर बायीं आंख के पास गोली लगी। मुठभेड़ में मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मुस्तफिजुल को मृत घोषित कर दिया।
मुस्तफिजुल वर्ष 2021 में हुए पूर्व बसपा प्रत्याशी कलामुद्दीन खान उर्फ कमालू हत्याकांड का मुख्य आरोपित और साजिशकर्ता था। पुलिस जांच में सामने आया था कि चुनावी रंजिश के चलते उसने शार्प शूटरों की व्यवस्था कर हत्या की पूरी साजिश रची थी।
इस मामले में उसके तार दुबई में बैठे अपराधियों और मुख्तार अंसारी गैंग से भी जुड़े पाए गए थे। इसी के बाद वह पूर्वांचल पुलिस के लिए सबसे बड़े वांछित अपराधियों में शामिल हो गया था।
एसटीएफ की मानें तो दिसंबर 2024 में गुजरात से आजमगढ़ लाते समय महाराष्ट्र के अमरावती रेलवे स्टेशन के पास वह शौचालय जाने का बहाना बनाकर चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था।
इस घटना के बाद उसे लेकर जा रही पुलिस टीम के खिलाफ भी कार्रवाई हुई थी। फरारी के दौरान वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। एसटीएफ अब उसके आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और आर्थिक स्रोतों की जांच कर रही है।
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