शिवपुरी: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संपत्ति को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच शिवपुरी जिले के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी मुख्यमंत्री के बचाव में उतर आए हैं. पिछोर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रीतम लोधी ने कांग्रेस पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया और जवाबी हमला बोलते हुए कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की संपत्ति की जांच कराने की मांग उठा दी है.
खानदानी रईस हैं मुख्यमंत्री: लोधी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुरजोर समर्थन किया. उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक प्रतिष्ठित परिवार से आते हैं और खानदानी रईस हैं. उन्होंने चुनाव के दौरान अपने हलफनामे में अपनी संपत्ति का पूरा और पारदर्शी विवरण पहले ही सार्वजनिक कर दिया है. ऐसे में कांग्रेस द्वारा उनकी संपत्ति को लेकर अनावश्यक और बेबुनियाद विवाद खड़ा किया जा रहा है.”
रॉबर्ट वाड्रा, दिग्विजय सिंह और केपी सिंह को घेरा
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि, ”अगर जांच ही होनी है, तो शुरुआत कांग्रेस के बड़े नेताओं से होनी चाहिए.” उन्होंने सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पिछोर के पूर्व विधायक केपी सिंह (कक्काजू) को निशाने पर लिया. लोधी ने दावा किया कि, ”कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की संपत्तियों की भी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए.” कांग्रेस के पूर्व मंत्री और पिछोर के पूर्व विधायक केपी सिंह पर बड़ा आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि, ”यदि केपी सिंह की संपत्तियों की निष्पक्षता से जांच की जाए तो वह मध्य प्रदेश के नेताओं और बड़े-बड़े उद्योगपतियों में सबसे अमीर साबित होंगे.”
भाजपा विधायक ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा का भी जिक्र करते हुए कहा कि, ”यदि किसी की संपत्ति देखनी है तो उनकी संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए. कांग्रेस के कई नेताओं के पास सबसे अधिक संपत्ति है और जांच वहीं से शुरू होनी चाहिए.” शिवपुरी जिले की राजनीति में इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से गरमाहट आ गई है. प्रीतम लोधी के इस तीखे पलटवार और कांग्रेस के कद्दावर नेताओं को जांच के दायरे में लाने की मांग के बाद अब देखना यह है कि कांग्रेस खेमे से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है.
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