Home राज्य उत्तर प्रदेश राम मंदिर ट्रस्ट का CEO बनने की रेस में कई रिटायर्ड IAS ऑफिसर, 1000 आवेदन में चुने जाएंगे तीन नाम
उत्तर प्रदेशराज्य

राम मंदिर ट्रस्ट का CEO बनने की रेस में कई रिटायर्ड IAS ऑफिसर, 1000 आवेदन में चुने जाएंगे तीन नाम

Share
Share

अयोध्या के श्री राम मंदिर का सीईओ बनने के लिए देश भर से करीब दो हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन किए हैं। इनमें पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर, अयोध्या में नेहरू युवा केंद्र के जिला समन्वयक रहे रामकिशोर यादव, सीतापुर के व्यंग्यकार अरुणेश मिश्र समेत बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त प्रशासनिक अफसर और निजी क्षेत्र में कार्यरत लोग शामिल हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 18 जुलाई शनिवार शाम चार बजे तक थी। हालांकि देर रात तक अंतिम आंकड़े सामने नहीं आए थे। अब इन आवेदनों की प्रारंभिक जांच और पात्र उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में 22 जुलाई होने वाली ट्रस्ट की बैठक में फैसला हो सकता है।

तीन सदस्यीय चयन समिति ने आवेदनों की छंटनी का दायित्व सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी को सौंपा है। समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी सेवानिवृत्त और सुरेश हावरे शामिल हैं। सचिव स्तर का अधिकारी सभी आवेदनों की जांच कर पात्र अभ्यर्थियों की सूची तैयार करेगा, जिसके बाद चयन समिति अंतिम चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरी के निर्देशन में सीईओ की नियुक्ति के लिए बनी तीन सदस्यीय समिति आवेदन पत्रों की जांच कर रही है।

किसे मिलेगी वरीयता

राम मंदिर के पहले सीईओ के चयन में उन्हें ही वरीयता मिलेगी, जिनका रिकॉर्ड साफ-सुथरा है और बड़े धार्मिक संस्थानों, लोक प्रशासन या व्यावसायिक प्रशासन संभाला हो। बताया जा रहा है कि राम मंदिर के लिए पहले सीईओ के लिए आवेदन करने वालों में सबसे आगे पूर्व नौकरशाह हैं।

राम मंदिर के सीईओ की ये होंगी जिम्मेदारियां

सीईओ का मुख्य काम मंदिर में दर्शनार्थियों की सुविधाएं, वित्तीय निगरानी, प्रशासनिक कामकाज रहेगा। सूत्रों के मुताबिक इस पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन हैं। कुछ ने बायोडाटा सीधे पदाधिकारियों को भी भेजा, लेकिन ऐसे आवेदनों पर विचार नहीं होगा। उन्हें विशेषज्ञों को ही तय प्रक्रिया के तहत भेजने को कहा गया है। ट्रस्ट ने सीईओ के लिए उम्मीदवारों की आयु सीमा 50 से 70 साल तय की है। आवेदक को हिंदू और न्यूनतम स्नातक होना अनिवार्य है। साथ ही किसी बड़े सार्वजनिक संगठन, संस्थान, सरकारी विभाग या कंपनी में कम से कम 20 साल का प्रबंधन का अनुभव होना चाहिए। वैष्णव परंपरा से जुड़े भगवान राम के भक्तों को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी।

अभ्यर्थियों से अलग से बात कर सकता है ट्रस्ट

सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट अपना पहला सीईओ चुनने से पहले संक्षिप्त सूची में शामिल अभ्यर्थियों से अलग से बातचीत कर सकता है। ट्रस्ट में रिक्त पद भरे जाने के बाद यह नियुक्ति होने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में रिक्त पदों को भरा जा सकता है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया ट्रस्ट द्वारा स्वतंत्र रूप से संचालित की जा रही है। ट्रस्ट उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत काम करता है और उस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don't Miss

रातों-रात पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर बनाया रिकॉर्ड, बढ़ गए इतने फॉलोअर्स

CJP प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच आज (शनिवार को) फिर से मीटिंग होने वाली है। प्रोटेस्टर्स की ये मीटिंग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे...

हिमाचल के निजी स्कूलों पर सख्ती, यूनिफॉर्म-जूते बेचने पर रद्द हो सकती है मान्यता

शिमला: हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों के परिसरों में यूनिफॉर्म, टाई, बैल्ट, बैज, जूते आदि की बिक्री करने पर सख्त कार्रवाई होगी। इन वस्तुओं...

Related Articles

धरमलाल कौशिक का कांग्रेस पर हमला, बोले- ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’

बिलासपुर : भारतीय जनता पार्टी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं...

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, शहरी गरीबों को PMAY-Urban 2.0 में स्टांप ड्यूटी से राहत

चंडीगढ़। शहरी गरीबों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री आवास...

हरियाणा की नई MSME नीति लॉन्च, ₹55 हजार करोड़ निवेश और 5 लाख रोजगार का लक्ष्य

चंडीगढ़। हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीति लांच कर दी गई है।...