हैदराबाद: देश की पहली बुलेट ट्रेन का आंशिक संचालन अगले 15 महीनों में शुरू हो सकता है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर तेजी गति से काम चल रहा है. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) का लक्ष्य अगस्त 2027 तक वापी-बिलिमोरा-सूरत के बीच 98 किमी लंबे हाई-स्पीड कॉरिडोर को पूरा कर इसे जनता के लिए शुरू करना है.
रेलवे ने हाल ही में इस रूट पर चलने वाली बुलेट ट्रेन की एक तस्वीर भी जारी की है. रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में इस रूट पर दो बुलेट ट्रेनें चलाई जाएंगी. जबकि दिसंबर 2027 तक वापी से साबरमती तक 352 किमी हाई-स्पीड कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है. इसी प्रकार, दिसंबर 2028 तक ठाणे-साबरमती तक कुल 492 किमी और दिसंबर 2029 तक मुंबई से अंतिम स्टेशन साबरमती तक कुल 508 किमी के मार्ग को पूरा करने की योजना है.
रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे ने दिसंबर 2029 तक इस रूट पर कुल 30 बुलेट ट्रेनें चलाने के लिए तैयारी कर ली है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का अब तक 91 प्रतिशत खंभा निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि गर्डर कास्टिंग और गर्डर लॉन्चिंग का काम तेजी से चल रहा है.
320 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति के साथ, यह परियोजना सीमित स्टॉप के साथ मुंबई से अहमदाबाद की दूरी महज 2 घंटे 7 मिनट में तय कर सकेगी. अगर यह ट्रेन सभी स्टेशनों पर रुकती है, तो इस यात्रा में 2 घंटे 58 मिनट का समय लगेगा.
हाल ही में, एनएचएसआरसीएल (NHSRCL) के अधिकारियों ने गुजरात सरकार के मुख्य सचिव, सड़क एवं भवन विभाग के विशेष मुख्य सचिव (स्पेशल CS) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. इस अवसर पर उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना की विशेषताओं और इसके निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
निर्माण कार्य की प्रगति:
- भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है.
- खंभों (piers) का 91 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. मेट्रो रेल की तरह ही एक निश्चित ऊंचाई पर बुलेट ट्रेन का ट्रैक बनाने के लिए विशाल कंक्रीट के पिलर्स बनाए जा रहे हैं.
- इन पिलर्स पर लगाए जाने वाले विशाल कंक्रीट के गर्डर्स के निर्माण की प्रक्रिया 76 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है.
- गर्डर लॉन्चिंग, पिलर्स पर गर्डर स्थापित करने का कार्य 72 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है.
- ट्रैक बिछाने से पहले एक मजबूत आधार के रूप में तैयार किया जाने वाला ट्रैकबेड का काम 35 प्रतिशत हो चुका है.
- बिजली के तारों और खंभों से जुड़ा ओएचई (OHE) कार्य 33 प्रतिशत पूरा हो चुका है.
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की खास बातें
- कुल लंबाई- 508.90 किमी (गुजरात में 349.03 किमी, दमन और दीव में 4.30 किमी, महाराष्ट्र में 154.76 किमी)
- वायाडक्ट्स: 465.38 किमी (91.58 प्रतिशत)
- पुल: 9.82 किमी (1.93 प्रतिशत)
- सुरंग: 26.22 किमी (5.26 प्रतिशत)
- सबसे लंबी सुरंग 21 किमी, जिसमें से 7 किमी समुद्र के नीचे है (मुंबई में)
- अन्य: 6.75 किमी (1.3 प्रतिशत)
- कुल स्टेशन: 12 (गुजरात में 8, महाराष्ट्र में 4)
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