Home राज्य नगर परिषद नाहन में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में देरी पर भाजपा समर्थित पार्षदों का खुला पत्र
राज्यहिमाचल प्रदेश

नगर परिषद नाहन में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में देरी पर भाजपा समर्थित पार्षदों का खुला पत्र

Share
Share

नाहन: नगर परिषद नाहन के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इसी बीच नगर परिषद के भाजपा समर्थित 7 निर्वाचित पार्षदों ने शुक्रवार को डीसी सिरमौर के नाम एक खुला पत्र जारी कर चुनाव प्रक्रिया में हो रही देरी पर सवाल उठाए हैं। पार्षदों ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद में जनता द्वारा दिए गए जनादेश को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है और परिषद के गठन में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है।

खुले पत्र में वार्ड नंबर-4 की पूजा तोमर, वार्ड नंबर-5 की सीमा अत्री, वार्ड नंबर-8 के संजय चौहान, वार्ड नंबर-9 की कौशल्या देवी, वार्ड नंबर-11 की संध्या अग्रवाल, वार्ड नंबर-12 के प्रदीप सहोत्रा और वार्ड नंबर-13 की संजना कौर के हस्ताक्षर हैं। पत्र में भाजपा समर्थित पार्षदों ने कहा है कि 17 मई, 2026 को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद नगर परिषद नाहन के चुनाव संपन्न हुए थे। इससे पूर्व (दिसम्बर, 2025) कांग्रेस सरकार द्वारा नगर परिषद को भंग कर दिया गया था और सभी निर्वाचित पार्षदों व अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की सदस्यता समाप्त कर दी गई थी।

पार्षदों ने पत्र में लिखा है कि दिसम्बर, 2025 से लेकर अब तक नगर परिषद का संचालन प्रशासन के माध्यम से किया जा रहा है। उनका कहना है कि चुनाव परिणाम आने के बाद भी अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं करवाया गया है, जिससे जनता के बीच कई तरह की चर्चाएं पैदा हो रही हैं। भाजपा समर्थित पार्षदों ने खुले पत्र में आरोप लगाया कि नगर परिषद चुनाव के दौरान सत्ता और धनबल का उपयोग किया गया और बड़ी संख्या में बाहरी लोगों की वोटें बनाई गईं। उन्होंने कहा कि इन सभी परिस्थितियों के बावजूद नाहन की जनता ने कांग्रेस के खिलाफ मतदान करते हुए 13 सदस्यीय नगर परिषद में 7 भाजपा समर्थित पार्षदों को विजयी बनाया। पत्र में नाहन की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया है कि मतदाताओं ने लोकतंत्र और जनहित के पक्ष में अपना स्पष्ट जनादेश दिया है।

खुले पत्र में कहा गया है कि जनता ने बहुमत भाजपा समर्थित पार्षदों को दिया है, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद की सत्ता को प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पार्षदों ने आरोप लगाया कि विधायक के मतदान अधिकार को लेकर विवाद के बावजूद राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश आने के बाद भी नगर परिषद की कार्यवाही को लेकर अनिश्चितता बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। पार्षदों ने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद लगभग एक माह का समय बीत चुका है, लेकिन अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं करवाया गया। उनका कहना है कि इस दौरान निर्वाचित पार्षदों को प्रभावित करने और राजनीतिक समीकरण बदलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे जनता द्वारा दिए गए जनादेश के विपरीत बताया है।

पत्र में पार्षदों ने उल्लेख किया है कि वे व्यक्तिगत रूप से भी डीसी सिरमौर से मिल चुके हैं और नगर परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव जल्द करवाने का आग्रह कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को निष्पक्ष भूमिका निभाते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिए और किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव से दूर रहकर निर्णय लेने चाहिए। भाजपा समर्थित पार्षदों ने कहा कि उन्हें कांग्रेस सरकार से किसी प्रकार की विशेष अपेक्षा नहीं है, लेकिन प्रशासन से निष्पक्षता और संवैधानिक दायित्वों के अनुरूप कार्रवाई की उम्मीद है। उन्होंने डीसी सिरमौर से मांग की है कि नगर परिषद नाहन में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर जनता द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।

खुले पत्र के माध्यम से भाजपा समर्थित पार्षदों ने साफ संकेत दिए हैं कि नगर परिषद नाहन में बहुमत उनके पक्ष में होने के बावजूद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव में हो रही देरी को लेकर वे खुलकर मैदान में आ गए हैं। ऐसे में नगर परिषद गठन को लेकर शुरू हुई राजनीतिक सरगर्मियों ने नाहन की सियासत को और गर्मा दिया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव की संभावित तिथि पर टिकी हुई हैं। इस मौके पर पार्षदों के साथ भाजपा नेता प्रताप ठाकुर, मनीष अग्रवाल और विशाल तोमर सहित अन्य कार्यकर्त्ता मौजूद रहे।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don't Miss

रातों-रात पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर बनाया रिकॉर्ड, बढ़ गए इतने फॉलोअर्स

CJP प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच आज (शनिवार को) फिर से मीटिंग होने वाली है। प्रोटेस्टर्स की ये मीटिंग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे...

हिमाचल के निजी स्कूलों पर सख्ती, यूनिफॉर्म-जूते बेचने पर रद्द हो सकती है मान्यता

शिमला: हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों के परिसरों में यूनिफॉर्म, टाई, बैल्ट, बैज, जूते आदि की बिक्री करने पर सख्त कार्रवाई होगी। इन वस्तुओं...

Related Articles

धरमलाल कौशिक का कांग्रेस पर हमला, बोले- ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’

बिलासपुर : भारतीय जनता पार्टी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं...

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, शहरी गरीबों को PMAY-Urban 2.0 में स्टांप ड्यूटी से राहत

चंडीगढ़। शहरी गरीबों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री आवास...

हरियाणा की नई MSME नीति लॉन्च, ₹55 हजार करोड़ निवेश और 5 लाख रोजगार का लक्ष्य

चंडीगढ़। हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीति लांच कर दी गई है।...