Home राज्य मध्य प्रदेश डिजिटल साक्ष्य और ई-एफआईआर व्यवस्था पर उठे सवाल, मध्य प्रदेश पुलिस की प्रगति पर चर्चा
मध्य प्रदेशराज्य

डिजिटल साक्ष्य और ई-एफआईआर व्यवस्था पर उठे सवाल, मध्य प्रदेश पुलिस की प्रगति पर चर्चा

Share
Share

भोपाल: ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने में मध्य प्रदेश को 5 में से 2.08 और ऑनलाइन चार्जशीट पेश करने में 10 में से 7.88 नंबर मिले हैं. भोपाल के कुषाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन हाॅल में आयोजित पुलिस विभाग के कार्यक्रम में जस्टिस संजीव कालगांवकर ने यह आंकड़े पेश करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस की जो क्षमताएं हैं, वह यह आंकड़े नहीं दिखाते, इसलिए सभी को इस दिशा में मिलकर प्रयास करने होंगे.

उन्होंने मध्य प्रदेश में हुए कामों की तारीफ करते हुए कहा कि दूसरे राज्य भी बोलते हैं कि इतना काम उनके राज्य में नहीं हुआ, जितना मध्य प्रदेश में हुआ है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्ष्य के रूप में कई तरह की चीजें सामने आ रही है, लेकिन इनको कहां रखा जाएगा. इनको सुरक्षित रखने की व्यवस्था नहीं हो रही.

डिजिटल साक्ष्य रखने की व्यवस्था कहां है ?

राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाष मकवाना सहित कई जिलों के एसपी और पुलिस अधिकारी मौजूद थे. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस संजीव एस कालगांवकर ने कहा कि “ई साक्ष्य प्लेटफाॅर्म बहुत सुंदर तरीके से बनाया गया है. इसमें हर तथ्य का ध्यान रखा गया है. आज जगह-जगह सीसीटीवी सिस्टम लगे हुए हैं. कोई भी अपराध होता है तो सबसे पहले सीसीटीवी के माध्यम से देखा जाता है कि कहीं कोई डिजिटल फुटप्रिंट मिल जाएं.

ई साक्ष्य सीसीटीवी फुटेज को जमा करने या सुरक्षित करने की व्यवस्था नहीं है. इसके अलावा आज हर किसी के हाथ में मोबाइल है. जब भी कोई घटना होती है, मोबाइल से उसके वीडियो बनाए जाते हैं. वह वीडियो कोर्ट में प्रस्तुत किए जाते हैं. क्या ई साक्ष्य में इस तरह के वीडियो प्रस्तुत करने की व्यवस्था है. बैकिंग फ्राॅड में भी कई तरह के बैंक स्टेटमेंट, हार्ड डिस्क जैसी कई तरह की चीजें डिजिटल साक्ष्य के रूप में लाई जाती है, इनको कहां रखा जाएगा.

हर थाने में तैयार हो डिजिटल रजिस्टर, चार्जशीट के साथ भेजें

कालगांवकर ने कहा कि अब हमें कोशिश करना है कि समन को कैसे सीधे संबंधित तक पहुंचाया जाए. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 64 पुलिस को सबसे पहले समन भेजने की बात कहती है, लेकिन इसमें यह रोक नहीं है कि समन सीधे संबंधित को भेजें. इस धारा में परंतु शब्द लिखा गया है. इसमें बताया गया है कि हर थाने में एक रजिस्टर रखा जाएगा, जिसमें अभ्युक्त और साक्ष्यों की पूरी डिटेल लिखी जाएगी, इसमें उनका मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी लिखा जाएगा. यदि इस तरह का एक डिजिटल रजिस्टर तैयार हो जाए और वह चार्जशीट के साथ सीधे कोर्ट पहुंच जाएगा तो कोर्ट सीधे समन और वारंट भेज सकेंगे.

अभी तक 50 लाख समन भेजे गए ऑनलाइन

जस्टिस ने कहा कि देश में 70 करोड़ लोगों के पास मोबाइल है. हम बात करते हैं कि जब तक टैबलेट कम्प्यूटर नहीं मिलेंगे तो यह लागू नहीं हो पाएगा, लेकिन क्या यह वाकई सच है. पुलिस व्यवस्था और कोर्ट में क्या कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो मोबाइल का उपयोग नहीं कर रहा. मोबाइल तकनीक घर-घर तक पहुंच गई है. यह जरूरी नहीं कि गरीबों सहित हर घर के एक व्यक्ति के पास मोबाइल हो, लेकिन एक घर में एक मोबाइल जरूर होगा.

मोबाइल, सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म के माध्यम से नोटिस भेज सकते हैं. इसलिए प्रदेश में जो नियम बनाए गए थे, उसमें इन सभी को शामिल किया गया था. यही वजह है कि आज हम 50 लाख समन पहुंचाने का आंकड़ा पार कर चुके हैं. करीब 3 लाख मेडिकल रिपोर्ट और 2 लाख 60 हजार फाॅरेंसिक रिपोर्ट ऑनलाइन भेजे जा चुके हैं. हमने 3 लाख कम्यूनिकेशन किए, इसका मतलब हमने 3 लाख कागज बचाए हैं. हमारे प्रयासों को पिछले दिनों केन्द्रीय कानून मंत्री ने भी सराहा है.”

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don't Miss

रातों-रात पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर बनाया रिकॉर्ड, बढ़ गए इतने फॉलोअर्स

CJP प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच आज (शनिवार को) फिर से मीटिंग होने वाली है। प्रोटेस्टर्स की ये मीटिंग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे...

हिमाचल के निजी स्कूलों पर सख्ती, यूनिफॉर्म-जूते बेचने पर रद्द हो सकती है मान्यता

शिमला: हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों के परिसरों में यूनिफॉर्म, टाई, बैल्ट, बैज, जूते आदि की बिक्री करने पर सख्त कार्रवाई होगी। इन वस्तुओं...

Related Articles

धरमलाल कौशिक का कांग्रेस पर हमला, बोले- ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’

बिलासपुर : भारतीय जनता पार्टी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं...

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, शहरी गरीबों को PMAY-Urban 2.0 में स्टांप ड्यूटी से राहत

चंडीगढ़। शहरी गरीबों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री आवास...

हरियाणा की नई MSME नीति लॉन्च, ₹55 हजार करोड़ निवेश और 5 लाख रोजगार का लक्ष्य

चंडीगढ़। हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीति लांच कर दी गई है।...