Home राज्य उत्तराखंड प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड बना विकास और सुशासन का मॉडल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड बना विकास और सुशासन का मॉडल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तराखण्ड दोनों विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आजाद भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें जनादेश के आधार पर सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने का अवसर मिला है और उनके कार्यकाल में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

शनिवार को मसूरी रोड स्थित एक होटल में आयोजित ‘दैनिक जागरण’ संवादी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा और खेल सहित सभी क्षेत्रों में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड भी तेजी से विकास की राह पर अग्रसर है तथा डबल इंजन सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण की पहचान बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री बनने के बाद वे 28 बार देवभूमि उत्तराखण्ड का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने सीमांत क्षेत्रों को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया है। माणा गांव से प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया संदेश कि सीमावर्ती गांव देश के अंतिम नहीं बल्कि प्रथम गांव हैं, आज विकास की नई सोच का प्रतीक बन चुका है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समग्र विकास के लिए अनेक नई पहल की हैं। प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जबकि माणा गांव की सभी महिलाएं इस श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। राज्य में शीतकालीन यात्रा की शुरुआत, राष्ट्रीय खेलों और जी-20 जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का सफल आयोजन उत्तराखण्ड की बढ़ती पहचान को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं। तीर्थाटन और पर्यटन के क्षेत्र में हुए विस्तार से स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि हुई है। पिछले तीन वर्षों में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक और श्रद्धालु उत्तराखण्ड पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है, लेकिन विभिन्न आपदाओं के दौरान सरकार ने त्वरित राहत एवं पुनर्वास कार्यों के माध्यम से जनजीवन को शीघ्र सामान्य बनाने का प्रयास किया है। राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की वैश्विक स्तर पर भी सराहना हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश की जनभावनाओं के अनुरूप कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया। पिछले पांच वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के कारण उत्तराखण्ड ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित की है और आने वाले वर्षों में राज्य विकास के नए मानक स्थापित करेगा।

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