Home राज्य मध्य प्रदेश सागर जहरीली शराब कांड पर सियासी घमासान, उमंग सिंघार बोले- यूपी नहीं उज्जैन से जुड़ा है नेटवर्क
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सागर जहरीली शराब कांड पर सियासी घमासान, उमंग सिंघार बोले- यूपी नहीं उज्जैन से जुड़ा है नेटवर्क

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भोपाल: सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर जमकर हमला बोला है. उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार के जिम्मेदार अधिकारी जहरीली शराब मामले में शराब कारोबारियों को बचाने में जुटे हैं. सागर से लौटने के बाद भोपाल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जहरीली शराब का नेटवर्क उत्तर प्रदेश से नहीं, बल्कि उज्जैन से जुड़ा हुआ है. अधिकारी उत्तर प्रदेश कनेक्शन बताकर मामले में पल्ला झाड़ने में लगे हैं.

जहरीली शराब का यूपी से नहीं उज्जैन से कनेक्शन: उमंग सिंघार

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल अपने ही क्षेत्र में नशे का व्यापार खत्म नहीं कर पा रहे. सरकार को उप मुख्यमंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए. उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि 140 रुपए में दुकान पर बिकने वाली शराब 40 से 50 रुपए में बिक रही है. बिना शासन प्रशासन की मदद के प्रदेश में नेटवर्क नहीं चलाया जा सकता. दो डिस्टिलरी मध्य प्रदेश के धार से सागर जा रही थी. गुजरात के भावनगर में जब जहरीली शराब से लोग मरे तो उसका कनेक्शन उज्जैन से जुड़ा. उमंग सिंघार ने सवाल किया कि “आखिर अनीस यादव कौन है? आखिर क्यों उज्जैन से नेटवर्क चल रहा है. मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए कि जहरीली शराब के मामले में उज्जैन का नाम क्यों आ रहा है. राज्य सरकार ने सागर मामले में अभी तक किसी बड़े अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की.”

आबकारी आयुक्त जल्दबाजी में सागर क्यों पहुंचे ?

उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि आखिर क्या कारण है कि आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना जल्दबाजी में सागर पहुंचे. क्या वे अपने विभाग के अधिकारियों को बचाने पहुंचे या फिर डिस्टिलरी के मालिकों को बचाने के लिए सागर पहुंचे थे. सागर मामले में अभी तक डिस्टिलरी के किसी भी मालिक पर मामला दर्ज नहीं किया गया है. सरकार ऐसे मामलों को दवाने की कोशिश कर रही है. सरकार ने मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है. कांग्रेस ने मुआवजा की राशि को बढ़ाकर 25 लाख रुपए करने की मांग की है.

2 घंटे में बदल दिया आदेश

उमंग सिंघार ने एक आदेश दिखाते हुए कहा कि “6 अगस्त को आबकारी विभाग की तरफ से एक आदेश निकालकर पहले सागर गोल्ड के विक्रय को प्रतिबंद्ध निकाला गया था, लेकिन इसके 2 घंटे बाद ही इसमें संशोधन कर दिया गया.” उन्होंने आरोप लगाया कि यह यूपी से खेल नहीं हुआ, बल्कि मध्य प्रदेश में ही इसका खेला हुआ है. यह बिना आबकारी कमिश्नर और सरकार के नहीं हो सकता. सरकार को इस पूरे मामले में जवाब देना चाहिए.

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