कांकेर:जैविक खेती मिशन योजना के तहत जिला स्तरीय किसान मेले का आयोजन किया गया.कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस दौरान किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों का सम्मान भी किया गया.
कांकेर किसान मेला में श्याम बिहारी जायसवाल
जिला मुख्यालय में आयोजित किसान मेले में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आह्वान पर प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है, इसलिए किसानों को धीरे-धीरे जैविक खेती की ओर बढ़ना चाहिए.
मंत्री ने बताया किसानों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में
स्वास्थ्य मंत्री ने किसानों को फसल विविधीकरण के लिए भी प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि जो किसान धान की जगह मक्का, दलहन, तिलहन अथवा अन्य फसलों का उत्पादन करेंगे, उन्हें राज्य सरकार की ओर से प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी. साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और महतारी वंदन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई.
मंत्री ने किसानों को किया सम्मानित
किसान मेले में स्वास्थ्य मंत्री ने पांच किसानों को कांकेर की पारंपरिक और सुगंधित धान किस्म ‘चिरईनखी’ के बीच भी बांटे. वहीं जैविक खेती, दलहन-तिलहन उत्पादन, जल संरक्षण और पशुपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दस प्रगतिशील किसानों को शॉल और नारियल का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया. कृषि वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों ने भी जैविक खेती के लाभों और तकनीकों की जानकारी किसानों को दी.
स्वास्थ्य मंत्री ने जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि जल्द ही कांकेर में एमआरआई सुविधा शुरू की जाएगी. साथ ही मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी. जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस किसान मेले में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे.
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