भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य सरकार ने प्रदेश में तबादलों की समय सीमा में 24 घंटों की और मोहलत दी है. इसके चलते प्रदेश में रात 12 बजे तक तबादले किए जा सकेंगे. 20 मई को हुई कैबिनेट की बैठक में 15 जून तक के लिए तबादलों से रोक हटाई गई थी. उधर कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के रीवा, देवास और गुना के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में निजी हाथों में सौंपे जाने का भी निर्णय किया गया.
हॉस्पिटल को निजी हाथों में सौंपने की शुरूआत
मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने दी. उन्होंने बताया कि “तबादलों की निर्धारित समय सीमा में कई बड़े विभागों की तबादला सूची को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका. इसके चलते तबादलों की समय सीमा को 24 घंटे के लिए और बढ़ाया गया है. रात 12 बजे तक विभागों को तबादला सूची पोर्टल पर अपलोड करनी होगी. कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया.
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रीवा, देवास और गुना के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को निजी केन्द्रों के रूप में विकसित किया जाएगा. इस स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए टेंडर पर संस्थाओं का सिलेक्शन किया जाएगा. इसके बाद संस्थाएं ही इन केन्द्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करेगी और स्वास्थ्य व्यवस्था संचालित करेगी.
हॉस्पिटल के लिए ट्रस्टों को दी जाएगी जमीन
उधर कैबिनेट की बैठक में हॉस्पिटल संचालन के लिए ट्रस्ट को जमीन उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया. इसमें ऐसे ट्रस्टों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, जो हॉस्पिटल संचालन करने में सक्षम होंगे. इसके लिए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय मंत्रियों की समिति गठित की गई है. यह समिति ही जमीन आवंटन करने के लिए मापदंड और नियम तैयार करेगी. समिति की सिफारशों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा.
मोहन यादव कैबिनेट की बैठक (ETV Bharat)
उधर कैबिनेट में स्वास्थ्य अद्योसंरचना प्रोत्साहन नीति 2026 को भी स्वीकृति दे दी गई. इसमें प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में काम किया जाएगा. इसमें सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित हॉस्पिटल में डायग्नोस्टिक सेंटर्स को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके लिए आर्थिक सहायता भी उपलबध कराई जाएगी.
इंदौर रेल मेट्रो के लिए राशि बढ़ाई
कैबिनेट की बैठक में इंदौर रेल मेट्रो के लिए परियोजना राशि में बढोत्तरी की गई है। परियोजना की अनुमानित लागत 7500 करोड़ से बढ़ाकर 12 हजार 900 करोड़ रुपए की गई है। कैबिनेट की बैठक में वन, पीडब्ल्यूडी सहित विभिन्न विभागों में 24 हजार करोड़ की लागत वाली योजनाओं को जारी रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई.
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