Home राज्य किशाऊ बांध पर हिमाचल को बड़ी राहत, 2000 करोड़ का खर्च बचा; बिना निवेश मिलेगा 1000 मिलियन यूनिट बिजली
राज्यहिमाचल प्रदेश

किशाऊ बांध पर हिमाचल को बड़ी राहत, 2000 करोड़ का खर्च बचा; बिना निवेश मिलेगा 1000 मिलियन यूनिट बिजली

Share
Share

शिमला। हिमाचल के हिस्से का पानी लेने वाले दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा अब किशाऊ बांध की बिजली का हिमाचल के हिस्से का खर्च भी उठाएंगे।जिससे 2000 करोड़ का आर्थिक बोझ को हिमाचल ने बचाया है। बिना निवेश के हिमाचल को सालाना 1000 मिलियन यूनिट बिजली के तौर पर 1200 करोड़ से अधिक की आय होगी।

आखिर 17 वर्षों से लटके सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण किशाऊ बांध को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नई दिल्ली में मंगलवार को हिमाचल प्रदेश समेत छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने परियोजना के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

15,624 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना की बिजली क्षमता 422 मेगावाट है।समझौते के मुताबिक परियोजना के वाटर कंपोनेंट की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार वहन करेगी जबकि शेष 10 प्रतिशत राशि छह राज्यों के बीच साझा होगी। हिमाचल के किस्से का खर्च तीन राज्य वहन करेंगे।

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के प्रयासों से किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना में हिमाचल पर पड़ने वाला करीब 2,000 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ लाभार्थी राज्यों पर डालने पर सहमति बनी है। किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर टौंस नदी पर प्रस्तावित है।

एमओयू पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हस्ताक्षर किए। हिमाचल के मुख्य सचिव केके पंत और अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम भी समारोह में मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे।

केंद्र उठाएगा 90 प्रतिशत खर्च, हिमाचल के हिस्से की बिजली का भी लाभ

हिमाचल के हिस्से के पानी का उपयोग दिल्ली और राजस्थान को उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसके बदले दोनों राज्य हिमाचल के हिस्से के बिजली घटक की लागत वहन करेंगे। यानी हिमाचल को अपने आवंटित पानी के बदले परियोजना की बिजली में आर्थिक भागीदारी का लाभ मिलेगा।

16 जून, 2026 की बैठक में 2000 करोड़ वहन करने पर बनी सहमति

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 16 जून, 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में केंद्र सरकार ने सैद्धांतिक रूप से सहमति दी कि हिमाचल के बिजली घटक की अनुमानित 2,000 करोड़ रुपये की लागत दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा वहन करेंगे।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने राज्य के हिस्से के रूप में 800 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई थी, जिसे वर्तमान सरकार ने प्रदेश के सीमित संसाधनों और उजड़ते लोगों के हकों को देखते हुए स्वीकार नहीं किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना बनने के बाद हिमाचल को बिजली घटक से सालाना 1000 मिलियन यूनिट बिजली का हिस्सा मिलेगा। इसकी अनुमानित कीमत 1000 करोड़ रुपये से अधिक होगी।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don't Miss

ऊंचाहार में गूंजा सनातन का शंखनाद,योगी बोले—ऐसी कथाएं होती रहेंगी तो कभी नहीं झुकेगी सनातन की ध्वज पताका

कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय का मुख्यमंत्री योगी ने बढ़ाया कद,भव्य आयोजन के लिए दिया धन्यवाद मंच पर काफी देर तक बैठकर कथा...

240 से अधिक लोगों को ले जा रहे इंडोनेशियाई यात्री जहाज से संपर्क टूटने के बाद तलाश जारी

जकार्ता: इस वक्त की बड़ी खबर इंडोनेशिया से सामने आ रही है। यहां के बोर्नियो द्वीप के पास खराब मौसम की वजह से...

Related Articles

हरियाणा के 12 हजार गेस्ट टीचरों के नियमितीकरण की उम्मीद जगी, सीएमओ ने शुरू किया परीक्षण

चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में करीब 20 वर्षों से सेवाएं दे...

किशाऊ परियोजना से हरियाणा को मिलेगा 1280 क्यूसेक पानी, सिंचाई-पेयजल योजनाओं को मिलेगी मजबूती

चंडीगढ़। दशकों से अटकी किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर छह राज्यों के...

CM मान का बड़ा दावा: पंजाब के 80% खेतों तक पहुंचा नहरी पानी, 100% कवरेज का लक्ष्य

श्री आनंदपुर साहिब: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक बार फिर स्पष्ट...

‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अंतिम चरण में, VDC फीडबैक में 41% बढ़ोतरी

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पंजाब का...