इंदौर: मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में अवैध खनन के कारण नष्ट की जा रही प्राकृतिक पहाड़ियों और टेकरी को संरक्षित करने के लिए अब टेकारियों को वृक्षारोपण से हरा भरा किया जाएगा, जिससे कि उनका संरक्षण हो सके. दरअसल, इंदौर देवास और आसपास के इलाकों में ऐसी कई टेकरी हैं जो मोरम और अन्य गौंड खनिज की जरूरत के कारण खोदकर नष्ट कर दी गई है. जितनी बच पाई हैं उनमें से भी लगातार मोरम और मालवे की खुदाई जारी है.
इन हालातों में इंदौर में पहले 51 लाख और अब फिर 12 लाख 40000 पेड़ लगाने में जुटे प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शहर की सभी टेकारियों को संरक्षित कर उन पर वृक्षारोपण अभियान शुरू करने का फैसला किया है. लिहाजा पित्र पर्वत के बाद रेवती रेंज और एक्सीडेंट के बाद देव गुराडिया और दतूनी टेकरी पर अब 100,000 पौधे लगाने की तैयारी है. शुक्रवार को इंदौर में रेवती रेंज पहाड़ी पर 2024 में लगाए गए.
वृक्षारोपण से टेकरियों का होगा संरक्षण
12 लाख 40000 पेड़ पौधों की स्थिति देखने पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ”शहर की अब सभी टेकारियों को वृक्षारोपण के जरिए संरक्षित किया जाएगा. उन्होंने कहा, ”जिस तरह रेवती रेंज को वृक्षारोपण कर सहेजा गया है, इस तरह अन्य टेकारियों को भी विकसित किया जाएगा. जिसके कारण इंदौर क्लीन सिटी से ग्रीन सिटी के रूप में विकसित हो सकेगा.” उन्होंने कहा कि, ”रेवती रेंज पर यह मनुष्य के द्वारा बनाया गया जंगल है, क्योंकि जंगल हमेशा प्राकृतिक होते हैं. इसके एक-एक पेड़ को इंदौर की जनता ने रोपा है और मुझे गर्व है कि सभी वृक्ष जिंदा हैं.”
एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड करेगा पेड़ों की गिनती
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि, ”दो साल रेवती रेज की पहाड़ी पर पौधारोपण किया था, तब यह पथरीली पहाड़ी थी. आज यहां पर 12 लाख 40 हजार पेड़ लगे हुए हैं. यहां पर लोग पिकनिक मनाने के लिए आएंगे. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में इंदौर का नाम है, अभी एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लोग भी यहां पर आ रहे हैं. एक बार फिर से रेवती रेंज के पेड़ों की गिनती होगी और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेगा. 9 अगस्त को भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की उपस्थिति में यहां पर 51 हजार पेड़ लगाए जाएंगे.”
दतूनी टेकरी का होगा कायाकल्प: कैलाश विजयवर्गीय
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ”हमने 21 लाख पेड़ लगाने का संकल्प लिया है. इसके लिए अलग-अलग विभागों, सामाजिक संस्थाओं के साथ बैठक की गई है. वृक्षारोपण के लिए जिस प्रकार का उत्साह दिखाई दे रहा है, 25 लाख से कम पेड़ नहीं लगेंगे. अभी नगर निगम के द्वारा 11 लाख 64 हजार पेड़ लगाए गए हैं. अभी कैबिनेट में प्रस्ताव पारित किया गया है कि शहर के जितने भी बगीचे हैं, वहां पर 25 प्रतिशत देशी प्रजाति के पेड़ों से घना जंगल बनाना है. विभिन्न विभाग वृक्षारोपण के इस अभियान में सहयोग कर लाखों पेड़ लगा रहे हैं.
दतूनी टेकरी पर एक लाख वृक्ष लगेंगे और वह भी पितृ पर्वत जैसा स्थान बनेगा. हम टेकरियों का चयन इसलिए कर रहे हैं कि हमारी टेकरियां माइनिंग से बची रहें. यदि लगातार माइनिंग होता रहा तो हमारी टेकरियां खत्म हो जाएगी. टेकरियों की पथरीली जमीन पर पेड़ लगाना काफी मुश्किल है. लेकिन हम पथरीली जमीन को पौधारोपण के लायक बनाकर पौधे रोपते हैं. इसलिए इंदौर के आसपास की टेकरियों को बचाने के लिए हमने उनको ग्रीन करने का संकल्प लिया है, जिससे इन टेकरियों को हरा-भरा देखकर किसी की माइनिंग की इच्छा ना हो. हम इंदौर के आसपास की सभी टेकरियों को हरा-भरा करेंगे. यह काम थोड़ा मुश्किल जरूर है, लेकिन हम मेहनत करेंगे.”
रेवती रेंज पर 15 हजार लोग करेंगे पौधारोपण
कैलाश विजयवर्गीय ने बताया, ”अभी वर्षा नहीं होने से वृक्षारोपण का काम धीमा है. वर्षा होने पर तेजी से यह अभियान चलेगा. सुपर कॉरिडोर में सौ एकड़ जमीन पर 2 से 3 लाख पेड़ लगाएंगे. 9 तारीख को रेवती रेंज पर 10 से 15 हजार लोग वृक्षारोपण करने आएंगे. हमने वृक्षारोपण के अभियान में जेन जी पर फोकस किया है. युवा आएं और रचनात्मक कार्य करें.” रेवती रेंज पर देव प्रतिमा स्थापना के सवाल पर उन्होंने कहा कि, ”सभी से राय लेकर इस पर फैसला किया जाएगा.” इस अवसर पर नगर निगम के जनकार्य समिति अध्यक्ष राजेंद्र राठौड़ उपस्थित थे.
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