सागर : मध्य प्रदेश के बीचोंबीच बसे सागर शहर की चारों तरफ से कनेक्टिविटी के कारण भारी वाहनों का ट्रैफिक गुजरता है. शहर में बायपास ना होने के कारण सारा ट्रैफिक शहर से गुजरता है. इस कारण शहर में ट्रैफिक जाम के हालात, दुर्घटनाएं और कई तरह की परेशानियां होती हैं. लेकिन साल 2027 तक सागर शहर को इस परेशानी से निजात मिल जाएगी. खासकर भोपाल मार्ग से गुजरने वाले वाहन और एनएच 44 पर जाने वाले वाहन अब शहर के बाहर से ही गुजरेंगे. अगले साल के अंत तक शहर को ट्रैफिक जाम से निजात मिल जाएगी. इस ग्रीनफील्ड 4 लेन बायपास के लिए भूमि अधिग्रहण का काम अंतिम चरण में है.
सागर में कई सालों से बायपास की मांग
सागर से झांसी, कानपुर के अलावा नागपुर, जबलपुर, भोपाल और हर तरफ के लिए कनेक्टिविटी है. लेकिन शहर में बायपास ना होने के कारण इन मार्गों से गुजरने वाले भारी वाहनों के ट्रैफिक का दबाव शहर की उन सड़कों पर होता है, जहां काफी संख्या में रहवासी कॉलोनियां बन चुकी हैं और तेजी से शहर का विस्तार हो रहा है. इन हालातों के कारण शहर में जाम की स्थिति, सड़क दुर्घटनाएं आम बात हो गयी है. इन परेशानियों को लेकर लंबे समय से बायपास की मांग चल रही थी.
20 किमी लंबा ग्रीनफील्ड फोरलेन बायपास
कभी भूमि अधिग्रहण तो कभी प्रस्तावित बायपास पर मौजूद गांवों के विरोध के कारण मामला टल जाता था. लेकिन पिछले साल सागर को केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने सागर पश्चिमी बायपास की सौगात दी है. ये करीब 20 किमी लंबा ग्रीनफील्ड फोरलेन बायपास होगा, जो 688 करोड़ की लागत से तैयार होगा. भोपाल मार्ग में लहदरा नाका से इसे एनएच 44 से कनेक्ट किया जाएगा. इस बायपास के कारण फिलहाल शहर में से होकर गुजरने वाले भारी वाहन बाहर के बाहर ही गुजर जाएंगे.
बायपास बनने से सागर की बदल जाएगी तस्वीर
इस 20 किमी लंबे ग्रीनफील्ड फोरलेन बायपास के कारण सागर शहर को नया विस्तार मिलेगा. भोपाल मार्ग (एनएच -146) और एनएच 44 से कनेक्टिविटी के कारण यहां पर लॉजस्टिक हब बनेंगे. नागपुर-ग्वालियर इकॉनॉमिक कॉरिडोर से सीधे कनेक्टिवटी के कारण इंडस्ट्रियल ग्रोथ बढ़ेगी. बायपास से गुजरने वाले भारी वाहनों की ईंधन खपत कम होगी. शहर से गुजरने में बर्बाद होने वाला वक्त कम होगा. शहर के व्यस्ततम मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही कम होगी. शहर के नजदीक होने के कारण रियल एस्टेट प्रोजेक्ट, शॉपिग मॉल और बड़े गोदाम बनेंगे.
बायपास के लिए 688 करोड़ रुपये मंजूर
बायपास की मंजूरी देते वक्त केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने कहा था “मध्य प्रदेश के सागर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-146 पर लहदरा गांव जंक्शन से राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बेरखेड़ी गुरु गांव जंक्शन तक ग्रीनफील्ड 4-लेन सागर पश्चिमी बायपास (लंबाई: 20.193 किमी) के निर्माण के लिए 688.31 करोड़ रुपये की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है. मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-146 शहरी बस्तियों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जिस कारण अक्सर ट्रैफ़िक जाम होता है.”
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