बिलासपुर : भारतीय जनता पार्टी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक देशभर में समरसता संकल्प अभियान चलाने की घोषणा की है. इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के जश्न को लेकर बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने बयान भी दिया है.
कांग्रेस के जश्न पर धरमलाल का बयान
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के जश्न पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस किस मुकाम पर है सभी देख चुके हैं.कांग्रेस की हालत ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’ जैसी हो गई है.
कांग्रेस अपने दम पर कोई बड़ा आंदोलन या प्रदर्शन करने की स्थिति में नहीं है. दूसरे संगठनों के आंदोलनों का श्रेय लेने का प्रयास करती है.जिस संगठन ने इस मुद्दे को उठाया, वह स्वयं अभी विधिवत पंजीकृत भी नहीं है.उसी संगठन की आवाज के बाद नैतिकता के आधार पर धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया, लेकिन कांग्रेस इसे अपनी उपलब्धि बताकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है- धरमलाल कौशिक,बीजेपी विधायक
‘कांग्रेस आज सिर्फ क्षेत्रीय पार्टी की तरह’
कौशिक ने कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज कांग्रेस पूरे देश में एक क्षेत्रीय पार्टी बनकर रह गई है.उन्होंने दावा किया कि बिहार में कांग्रेस तीसरे, उत्तर प्रदेश में चौथे स्थान पर है, जबकि पश्चिम बंगाल में उसका कोई प्रभाव नहीं बचा है.उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब अपने बलबूते कोई राजनीतिक लड़ाई लड़ने में सक्षम नहीं है और केवल मुख्यधारा की अन्य पार्टियों के पीछे चलकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास करती है.
गुरु रविदास महाराज के संदेश का प्रचार
आपको बता दें कि इससे पहले बीजेपी कार्यालय बिलासपुर से संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जयंती पर समरसता संकल्प अभियान चलाने की बात कही.विधायक धरमलाल कौशिक ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया गया कि इसका उद्देश्य गुरु रविदास महाराज के समता, सामाजिक न्याय, सेवा, सद्भाव और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है.
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास महाराज किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान पथप्रदर्शक थे. उनके विचार आज भी विकसित भारत के निर्माण के लिए मार्गदर्शक हैं. अभियान के तहत 29 जुलाई को देशभर के मंदिरों में समरसता दीप महोत्सव आयोजित किया जाएगा. इसके अलावा कलश वंदन अभियान, संत संपर्क अभियान, समरसता यात्रा और छात्रावास संपर्क अभियान जैसे कई कार्यक्रम आयोजित होंगे. वाराणसी की जन्मस्थली से पवित्र मिट्टी देशभर के राज्यों, जिलों और गांवों तक पहुंचाई जाएगी.धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समरसता का संदेश दिया जाएगा.
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