उज्जैन: गुरु पूर्णिमा पर्व पर धर्म नगरी अवंतिका उज्जयिनी में हर्ष उल्लास का माहौल है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस दौरान अलग अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होने उज्जैन पहुंचे. 500 करोड़ से अधिक की लागत से होने वाले देवस्थानों के निर्माण, जीर्णोद्धार का भूमि पूजन कर करोड़ों की लागत के बनाए गए अत्याधुनिक गीता भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए. सीएम सबसे पहले अपने घर गीता कॉलोनी गए. जिसके बाद वाल्मीकि मंदिर पहुंचे और फिर श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम पहुंचे. जहां गुरु सांदीपनि, भगवान कृष्ण, सुदामा और बलराम का पूजन कर आशीर्वाद लिया.
587.23 करोड़ की लागत से देवस्थानों का जीर्णोद्धार
भगवान श्रीकृष्ण ने इसी आश्रम में गुरु सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण की थी. धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान कृष्ण ने यहां 64 दिनों में 64 कलाएं और 14 विद्याएं सीखी थीं. यही वजह है कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सांदीपनि आश्रम में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं. मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा में कहा, ”आज से 5000 वर्ष पूर्व भगवन श्री कृष्ण शिक्षा प्राप्त करने सांदीपनि आश्रम पहुंचे थे. ये हमारा सौभाग्य है आज गुरु पूर्णिमा के मौके पर 587.23 करोड़ की लागत से यहां के देवस्थानों का भूमिपूजन, जीर्णोद्धार के कामों की सौगात व गीताभवन का लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुआ हूं. हम सब गुरु पूर्णिमा पर गुरु महिमा गाते हुए अपना जीवन को धन्य करें, मेरी और से सभी को शुभकामनाएं बधाई.”
मोहन यादव ने सांदीपनि आश्रम में की पूजा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आश्रम पहुंचकर गुरु सांदीपनि का विधि-विधान से पूजन और आरती की. इस दौरान उन्होंने पुष्पमाला अर्पित कर गुरु सांदीपनि का आशीर्वाद प्राप्त किया. बटुक ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया. मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं भी दीं. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सांदीपनि आश्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लग रही है.
जानकारी देते हुए पुजारी पंडित कीर्ति रूपम व्यास ने बताया कि, ”मुख्यमंत्री ने गुरु सांदीपनि का पूजन-अर्चन किया व भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी माला अर्पित की, षोडशोपचार मंत्रों के साथ पूजन कराया गया. सीएम यादव ने पिछले वर्ष सांदीपनि आश्रम में कृष्ण लोक और सांदीपनि लोक विकसित करने की घोषणा की थी. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इन विकास कार्यों का भूमि पूजन भी किया जा रहा है. इन परियोजनाओं के जरिए सांदीपनि आश्रम और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े इस पौराणिक स्थल का देश-दुनिया में और व्यापक प्रचार-प्रसार होने की उम्मीद है.”
भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासन के माध्यम से गुरुपूर्णिमा पर भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कारों और राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों से नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए पूरे मध्य प्रदेश में ‘महर्षि सांदीपनि गुरू पर्व’ मनाया. मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राम तिवारी ने बताया, ”मुख्य आकर्षण ‘भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना’ का शुभारंभ रहा. श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा आयोजित इस योजना के तहत प्रदेश भर के 102 मेधावी छात्र (51 विद्यालयीन एवं 51 महाविद्यालयीन/विश्वविद्यालयीन) का चयन किया जाएगा.
चुने गए प्रत्येक विद्यार्थी को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन छात्रवृत्ति प्रदान की जानी है. यह प्रतियोगिता भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जित 14 विद्याओं, 64 कलाओं, महर्षि सांदीपनि और भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित होगी, जिसमें विजेताओं का अंतिम चयन पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा.” राम तिवारी ने यह भी बताया, ”गुरु पूर्णिमा के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लिखित पुस्तक ‘भारतीय गुरू परंपरा के शिल्पी महर्षि सांदीपनि’ का लोकार्पण किया गया.
गीता भवन और नवीन संकुल भवन का किया लोकार्पण
गुरु पूर्णिमा के मौके पर मुख्यमंत्री ने 5.1 हेक्टेयर क्षेत्र में बने गीता भवन का लोकार्पण किया. यह भवन आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है. यहांं 1250 लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, ग्रीन रूम, मल्टीपरपज़ हॉल, प्रशासनिक कक्ष और चार अतिरिक्त कक्ष निर्मित किए गए हैं. जिसकी लागत 34 करोड़ रुपए है. यह भवन धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक आयोजनों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जिसे देवास रोड साइड बनाया गया है. वहीं, माधव साइंस कॉलेज परिसर में लगभग 5.5 करोड़ की लागत से बनाये गए नवीन बहुउद्देशीय संकुल भवन का भी लोकार्पण किया.
मध्य प्रदेश के 1068 शिक्षकों को मिला गुरु सम्मान
गुरु पूर्णिमा पर्व पर मध्य प्रदेश के उज्जैन, इंदौर और भोपाल संभाग के 1068 नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को श्री कृष्ण के गुरु सांदीपनि की नगरी में गुरु सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दिया गया. इसमें उज्जैन संभाग के 424, इंदौर के 407 और भोपाल के 237 शिक्षक रहे. लंबे समय से चल रही भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह नियुक्तियां सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही हैं.
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