Home राज्य हरियाणा के विश्वविद्यालय क्लर्कों की सैलरी बढ़ोतरी पर बड़ा अपडेट, जानें वित्त विभाग का फैसला
राज्यहरियाणा

हरियाणा के विश्वविद्यालय क्लर्कों की सैलरी बढ़ोतरी पर बड़ा अपडेट, जानें वित्त विभाग का फैसला

Share
Share

चंडीगढ़। विश्वविद्यालयों के लिपिकों का वेतनमान बढ़ाने के मुद्दे को लेकर सरकार ने गेंद विश्वविद्यालयों के पाले में डाल दी है। वेतनमान में संशोधन का फैसला विश्वविद्यालयों पर छोड़ते हुए वित्त विभाग ने संबंधित सभी छह विभागों से राय मांगी है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटीज इंप्लाइज फेडरेशन मांग कर रहा है कि वित्त विभाग द्वारा सभी विभागों के लिपिकों में वेतनमान में संशोधन को लेकर 8 फरवरी 2024 और 30 जून 2026 को जारी आदेशों को विश्वविद्यालयों के लिपिकों के लिए भी लागू किया जाए।

पिछले महीने फेडरेशन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिले थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने वित्त विभाग को मामले में सकारात्मक कदम उठाने को कहा है।

वित्त विभाग की वेतनमान संशोधन शाखा द्वारा उच्चतर शिक्षा, कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन, खेल, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा गया है कि विश्वविद्यालय कर्मचारियों की किसी भी श्रेणी के पे-लेवल पर संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति की सिफारिशों के बिना विचार नहीं किया जा सकता।

यदि फेडरेशन की मांग स्वीकार किए जाने से विश्वविद्यालयों पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ता है तो उसे संबंधित यूनिवर्सिटी को अपने संसाधनों से वहन करना होगा। सभी विभाग अपने संसाधनों से खर्च उठाने की स्थिति बताएं और स्पष्ट करें कि उनके नियंत्रण में आने वाले विश्वविद्यालय फेडरेशन की मांग स्वीकार होने की स्थिति में अतिरिक्त वित्तीय भार अपने संसाधनों से वहन करने की स्थिति में हैं या नहीं।

पत्र की प्रति 12 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भी भेजी गई है। इनमें गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद, चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय भिवानी, महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल, श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र, दीन दयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय करनाल और दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय सोनीपत शामिल हैं।

अब संबंधित विभागों से मिलने वाली रिपोर्ट और विश्वविद्यालयों की वित्तीय क्षमता की जानकारी के आधार पर फेडरेशन की मांग पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don't Miss

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: छाता चीनी मिल में लगेगा ड्यूल मोड एथेनॉल प्लांट, 19 साल बाद फिर लौटेगी रौनक

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में योगी सरकार की कैबिनेट बैठक हुई है। इसमें सबसे बड़ा फैसला एथेनॉल प्लांट को लेकर हुआ। मथुरा के छाता...

घर-दुकान किराये पर ले रहे हैं? अब एग्रीमेंट के लिए ज्यादा पैसे नहीं देने होंगे, जानें नए नियम

उत्तर प्रदेश में किराये की संपत्ति का एग्रीमेंट बनवाना अब बहुत सस्ता और झंझट मुक्त होने जा रहा है. दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ...

Related Articles

‘आशीर्वाद का दीप’: PM मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल पर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में जले लाखों दीये

बीजापुर\जांजगीर चांपा\बालोद\महासमुंद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक सेवा काल...

हरियाणा भाजपा प्रवक्ता वैशाली तोमर को मिला बेहतर काम का इनाम: राज्य महिला आयोग में बनाई गईं सदस्य

चंडीगढ़। हरियाणा भाजपा की एक और पदाधिकारी को प्रदेश सरकार ने राज्य...