Home राज्य पंजाब पूर्व केंद्रीय मंत्री बिट्टू का औचक निरीक्षण, स्मार्ट स्कूल में सुविधाओं की कमी उजागर
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पूर्व केंद्रीय मंत्री बिट्टू का औचक निरीक्षण, स्मार्ट स्कूल में सुविधाओं की कमी उजागर

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 लुधियाना। लुधियाना में सोमवार सुबह पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कुंदनपुरी स्थित सरकारी प्राथमिक स्मार्ट स्कूल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और कई व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।

बिट्टू ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्कूल अब भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

निरीक्षण के दौरान स्कूल में कमरों की कमी साफ दिखाई दी। कई बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। कुछ कक्षाओं में पंखे बंद मिले, जिससे गर्मी के बीच बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण ही नहीं मिलेगा तो बेहतर शिक्षा की कल्पना करना कठिन होगा।

स्वच्छता पर उठाया सवाल

स्कूल परिसर में सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। एक ओर बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए झूले दिखाई दिए, वहीं उनके पास ही डस्टबिन में कचरा पड़ा था। बिट्टू ने कहा कि स्कूलों में स्वच्छ वातावरण बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई, दोनों के लिए आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने की बात कही।

खुले में बन रहा था भोजन

निरीक्षण के दौरान सबसे अधिक चिंता का विषय मिड डे मील की व्यवस्था रही। स्कूल में बच्चों के लिए तैयार किया जाने वाला भोजन खुले स्थान पर बनता मिला। बिट्टू ने इसे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं बताते हुए कहा कि भोजन स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में तैयार होना चाहिए।

उन्होंने यह भी देखा कि रसोई गैस के सिलेंडर खुले स्थान पर रखे हुए थे, जबकि पास में बच्चों की कक्षाएं चल रही थीं। उन्होंने इसे सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय बताया और कहा कि ऐसी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।

कमियों पर उठाए सवाल

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्कूल का नाम भले ही स्मार्ट स्कूल हो, लेकिन मौके पर कई ऐसी कमियां दिखाई दीं जिन्हें जल्द दूर किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बैठने की बेहतर व्यवस्था, पर्याप्त कक्षाएं, स्वच्छ परिसर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इन कमियों पर शीघ्र ध्यान देने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया।

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