भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने समान नागरिक आचार संहिता विधेयक 2026 सदन में पेश कर दिया है. विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि इस विधेयक पर कल चर्चा कराई जाएगी. यूसीसी विधेयक के अलावा सदन में सरकार ने 13 अन्य विधेयक भी पेश किए. इन विधेयकों का उल्लेख 20 जुलाई की कार्यसूची में नहीं था. इसको लेकर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई.
उधर, शून्यकाल में उज्जैन में मुख्यमंत्री और उनके परिवार की जमीनों की खरीद-फरोख्त का मुद्दा उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने स्थगन पर चर्चा कराए जाने की मांग की, जिसे अध्यक्ष से अस्वीकार कर दिया.
उज्जैन जमीन खरीदी मामले पर हंगामा
विधानसभा सत्र के पहले दिन शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उज्जैन में मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा जमीनों की खरीद-फरोख्त का मुददा सदन में उठाया. उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि उज्जैन में मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा बड़े स्तर पर जमीनें खरीदी गई हैं. संपत्ति को लेकर स्थगन पर चर्चा कराई जाए. संपत्ति को लेकर मुख्यमंत्री पर आरोप लगे हैं इसलिए चर्चा होनी चाहिए. इसको लेकर सदन में हंगामे की स्थिति बन गई. कांग्रेस विधायकों द्वारा सदन में नारेबाजी किए जाने के बाद विधानसभा की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई.
उधर, संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए स्थगन प्रस्ताव को पढ़कर कहा कि नियमों में स्पष्ट उल्लेख है कि किसी तात्कालिक मुद्दे पर ही चर्चा हो सकती है, जबकि यह मामला 2023 का है.
सरकार ने पेश किए 14 विधेयक
उधर, सरकार ने विधानसभा में 14 विधेयक पेश कर दिए. इनमें मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता 2026 विधेयक भी शामिल है. इसके अलावा अन्य 13 विधेयक भी पटल पर रखे गए.
- मध्य प्रदेश समान नागरिक आचार संहिता विधेयक 2026
- मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता) विधेयक 2026
- मध्य प्रदेश धन्वंतरि स्वास्थय विश्वविद्यालय विधेयक 2026
- मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक 2026
- मध्य प्रदेश ईज ऑफ र्डूइंग बिजनेस विधेयक 2026
- मध्य प्रदेश उपकर संशोधन विधेयक 2026
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता मध्य प्रदेश संशोधन विधेयक 2026
- मध्यप्र देश राजमार्ग संशोधन विधेयक 2026
- मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन संशोधन विधेयक 2026
- मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक 2026
- मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026
- मध्य प्रदेश वेट संशोधन विधेयक 2026
- मध्य प्रदेश माल और सेवा कर संशोधन विधेयक 2026
- मध्य प्रदेश निरसन विधेयक 2026
कांग्रेस कार्यसूचि से बाहर के विधयकों का विरोध किया
हालांकि, सदन के पटल पर इन विधेयकों को रखे जाने के बाद पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक बाला बच्चन, सचिन यादव ने इसका विरोध जताया. उन्होंने कहा कि 20 जुलाई की कार्यसूचि में जब इन विधेयकों का उल्लेख नहीं था, तो फिर इन्हें क्यों लाया गया. जवाब में संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गी ने कहा कि सभी विधायकों को विधेयकों की कॉपी दी जा रही है, उन्हें इस पर अध्ययन के लिए पर्याप्त समय मिलेगा.
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