हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को उसी जिले और उसी पद पर दोबारा तैनाती नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई करती है। सरकार ऐसे मामलों पर जीरो टॉलरेंस की नीति से कार्य कर रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
हाल ही में हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख भ्रष्टाचार के आरोपियों को उसी जिले में तैनाती न देने के बारे में अनुरोध किया था।
इस पर मंगलवार को पत्रकारवार्ता में जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार को लेकर काफी सख्त है और यह फैसला किया कि भ्रष्टाचार में पकड़े गए अधिकारी को उसी जिले में तैनाती नहीं मिलेगी। हाल ही में भ्रष्टाचार ब्यूरो निरोधक ने पूरे प्रदेश में 140 ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान की है, जिनके खिलाफ लगातार रिश्वत लेकर काम करने की शिकायतें मिली हैं। इनकी सूची तैयार की गई है। जनवरी 2022 से जून 2026 के बीच एंटी करप्शन ब्यूरो ने 92 ट्रैप और रेड की है।
सीएम बोले- नई पीढ़ी ने नहीं देखा कांग्रेस का शासन
सीएम नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी ने कांग्रेस के शासनकाल की स्थिति नहीं देखी है। कांग्रेस के समय भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी थी, परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं होती थीं और युवाओं की शिकायतों पर सुनवाई नहीं होती थी। परीक्षा देने वाले युवा बस की छत पर बैठक कर परीक्षा केंद्र पहुंचते थे। कोई गिर जाए, किसी की चोट लग जाए कोई सुनने वाला नहीं होता था।
कांग्रेस ने हमेशा वोट बैंक की राजनीति की है और गरीब, पिछड़े व अनुसूचित जाति समाज के नाम पर केवल राजनीतिक लाभ उठाया। जिस चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब कांग्रेस का कठिन परिस्थितियों में साथ दिया, आज उन्हें दरकिनार किया जा रहा है। एक तरह से कांग्रेस ने दलितों और वंचितों का अपमान करने का काम किया है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानून बनाए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। हरियाणा में अब सरकारी भर्ती पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट के आधार पर हो रही है।
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