Home राज्य छत्तीसगढ़ पहली बारिश में दरका 26 करोड़ का रेलवे ओवरब्रिज, सांसद ने रेल मंत्री से मांगी उच्च स्तरीय जांच
छत्तीसगढ़राज्य

पहली बारिश में दरका 26 करोड़ का रेलवे ओवरब्रिज, सांसद ने रेल मंत्री से मांगी उच्च स्तरीय जांच

Share
Share

राजनांदगांव: बरगा और आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज में पहली ही बारिश के बाद सामने आई निर्माण संबंधी खामियों का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. पहले जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की पहल की और अब राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पांडे ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

ओवरब्रिज में दरार का मामला गरमाया

इस मामले में सबसे पहले जिला कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने मीडिया में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को पत्र भेजा. कलेक्टर ने पत्र में कहा कि बरगा और आलीवारा स्थित रेलवे ओवरब्रिज के कथित गुणवत्ताहीन निर्माण की शिकायतों की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए और जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. जिला प्रशासन के इस कदम के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया.

सांसद ने रेल मंत्री को लिखा पत्र

इसके बाद सांसद संतोष पांडे ने भी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप की मांग की है. सांसद ने पत्र में उल्लेख किया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन के नागपुर मंडल अंतर्गत डोंगरगढ़-राजनांदगांव रेलखंड पर ग्राम बरगा और आलीवारा के पास गतिशक्ति योजना के तहत लगभग 26 करोड़ रुपए की लागत से रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया था. जून माह में इसका लोकार्पण हुआ, लेकिन 4 और 5 जुलाई की बारिश के बाद पुल क्षतिग्रस्त हो गया.

सांसद ने कहा है कि ओवरब्रिज में करीब 60 से 70 फीट लंबी और 15 से 20 सेंटीमीटर चौड़ी दरार आ गई है, जिससे पुल आवागमन के लिए सुरक्षित नहीं रह गया. उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बारिश का पानी पुल की नींव तक पहुंचने और मिट्टी धंसने से यह स्थिति बनी, जो निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही की ओर संकेत करती है.

कलेक्टर के बाद सांसद भी सख्त

सांसद ने रेल मंत्री से पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने, दोषी निर्माण फर्म और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है. उन्होंने पत्र के साथ ओवरब्रिज की तस्वीरें और मीडिया रिपोर्ट को भी शामिल किया है.

पहली बारिश में ही करोड़ों रुपए की लागत वाले ओवरब्रिज में आई दरारों और एप्रोच सड़क के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अब जिला प्रशासन और सांसद दोनों स्तरों से कार्रवाई की मांग उठने के बाद लोगों की नजर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की जांच और उसके परिणामों पर टिकी हुई है.

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don't Miss

‘प्रदेश में भय और बेरोजगारी का माहौल’, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा पर साधा निशाना

बरेली : कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भय, बेरोजगारी...

ऊंचाहार में गूंजा सनातन का शंखनाद,योगी बोले—ऐसी कथाएं होती रहेंगी तो कभी नहीं झुकेगी सनातन की ध्वज पताका

कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय का मुख्यमंत्री योगी ने बढ़ाया कद,भव्य आयोजन के लिए दिया धन्यवाद मंच पर काफी देर तक बैठकर कथा...

Related Articles

हरियाणा के 12 हजार गेस्ट टीचरों के नियमितीकरण की उम्मीद जगी, सीएमओ ने शुरू किया परीक्षण

चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में करीब 20 वर्षों से सेवाएं दे...

किशाऊ परियोजना से हरियाणा को मिलेगा 1280 क्यूसेक पानी, सिंचाई-पेयजल योजनाओं को मिलेगी मजबूती

चंडीगढ़। दशकों से अटकी किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर छह राज्यों के...

CM मान का बड़ा दावा: पंजाब के 80% खेतों तक पहुंचा नहरी पानी, 100% कवरेज का लक्ष्य

श्री आनंदपुर साहिब: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक बार फिर स्पष्ट...