इंदौर : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और कॉमेडी शोज में महिलाओं का मजाक उड़ाना अब भारी पड़ेगा. ऐसे मामलों में अब सख्त कार्रवाई की जाएगी. ये कहना है केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी का. केंद्रीय मंत्री ने ये बात सोमवार को इंदौर में आयोजित महिला-बाल विकास विभाग की एक समीक्षा बैठक के दौरान कहीं.
महिलाओं की ड्राइविंग का मजाक उड़ाना पड़ेगा भारी
उन्होंने आगे कहा कि लैंगिक आधार पर महिलाओं से भेदभाव या उनके कामकाज के तरीकों का मजाक बनाना भी अब अपराध की श्रेणी में शामिल होगा. दरअसल, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा है कि देश के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के अलावा विभिन्न प्रसार मध्यमों पर महिलाओं के काम काज के तरीकों के अलावा उनकी ड्राइविंग आदि पर कॉमेडी मीम्स और वीडियो बनते हैं जो कहीं न कहीं महिलाओं के साथ असमानता और उन्हें कमतर आंकने का प्रयास है. ऐसे में ऐसी रील्स बनाने पर भी दंड का प्रावधान किया जा रहा है.
शादी की उम्र और लिव-इन पर भी बोलीं केंद्रीय मंत्री
इंदौर में महिला एवं बाल विकास योजनाओं की दी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ” महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी या कॉमेडी करने वालों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाती है.” इस दौरान उन्होंने बालिकाओं की शादी की उम्र और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों पर पूछे गए सवालों के जवाब में मंत्री ने कहा, ” ऐसे संवेदनशील विषयों को लेकर सरकार के स्तर पर नहीं बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे युवा सही दिशा में आगे बढ़ सकें.”
महिला-बाल विकास की कई योजनाओं की दी जानकारी
इंदौर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी सोमवार गोमटगिरि स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के संस्थान पहुंचीं थीं. इस दौरान उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और महिला एवं बाल कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी. मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा, ” महिला एवं बाल विकास संस्थान देशभर में महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. यहां मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाता है, जो आगे देश के लगभग 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों तक प्रशिक्षण और योजनाओं की जानकारी पहुंचाते हैं.”
उन्होंने बताया कि मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत भी यहां प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके. उन्होंने कहा कि संस्थान में महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से प्रशिक्षक और पदाधिकारी प्रशिक्षण लेने आते हैं. विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है.
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