छिन्दवाड़ा : मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है. कई जिलों के शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. ताजा मामला छिंदवाड़ा का है, जहां जिला अस्पताल सहित ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है. डॉक्टरों की कमी और दवाइयां नहीं होने से छिंदवाड़ा के लोगों को अन्य शहरों का रुख करना पड़ रहा है. इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चिंता जताते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव को पत्र लिखा है.
जिला अस्पताल की भी हालात खराब
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक-185 में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को लिखा, ” छिन्दवाड़ा जिले की स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गई हैं. जिला अस्पताल सहित जिले के सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीजों की बढ़ती हुई संख्या के हिसाब से डॉक्टरों आवश्यक दवाइयों, जांच सुविधाओं तथा आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की कमी मरीजों की सेहत पर भारी पड़ रही है. छिन्दवाड़ा जिला अस्पताल पर जिले के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों सहित बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए निर्भर हैं. ऐसे में अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता के साथ-साथ आवश्यक जांच सेवाओं का सुचारू एवं नियमित संचालन अत्यंत महत्वपूर्ण है. इन आवश्यक सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों एवं उनके परिजनों को दूसरी जगह या निजी अस्पतालों का रूख करना पड़ता है, जिससे उन्हें समय के साथ ही ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है.
सुपर स्पेशलिटी बनाने का सपना, यहां इलाज मिलना भी हो गया मुश्किल
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है, ” कांग्रेस की सरकार के दौरान छिंदवाड़ा में सुपर स्पेशलिटी मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी गई थी, जिसमें छिंदवाड़ा जिले ही नहीं बल्कि छिंदवाड़ा के आसपास के जिलों के लोगों को भी इलाज के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ेगा. सारी सुविधाओं से लेकर स्पेशलिस्ट डॉक्टर की टीम के साथ ही एयर एंबुलेंस तक की सुविधा इस मेडिकल कॉलेज में करने का प्रस्ताव था लेकिन भाजपा की सरकार ने उसका बजट आधा करके उसके बिस्तरों की संख्या भी घटा दी. ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्र की इमारते हैं लेकिन ना तो वहां पर डॉक्टरों की नियुक्ति है और ना ही पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं, जिसकी वजह से गांव के गरीब किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.”
कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से गुजारिश की है कि मानवीय दृष्टि रखते हुए गांव, गरीब और किसानों को अपने ही नजदीक के स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधा मिल जाए तो उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा.
हर दिन अस्पतालों की दुर्दशा की खबरें आ रही सामने
कमलनाथ ने बताया कि कैसे हर दिन जिला अस्पताल समेत कई स्वास्थ्य केंद्र की दुर्दशा और बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं की खबरें सामने आ रही हैं. हाल ही में अमरवाड़ा विकासखंड के गांव से वीडियो सर्कुलेट हुआ था जहां पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने की वजह से गर्भवती महिला को खाट पर बिठाकर लाया जा रहा था और रास्ते में ही डिलीवरी करानी पड़ी थी. इसके साथ ही एक हफ्ते पहले छिंदवाड़ा विकासखंड के पिंडरई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बारिश के चलते पानी भर गया था, जिसके कारण वहां एडमिट मरीजों को छिंदवाड़ा शिफ्ट किया गया था. जिला अस्पताल में भी कूलर और पंखों का नहीं चलना इसके साथ ही इनवर्टर खराब होने की खबरें भी सामने आई थीं.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जिले के मुख्य अस्पताल से लेकर सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में फैली अव्यवस्थाओं पर तत्काल सुधार के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह किया है, जिससे समाज के प्रत्येक नागरिकों को सुचारू व समय से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सके.
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